Dinesh Rawat

Sale!

ईसाई धर्म — भारत का विनम्र उपहार: भारत में यीशु के १०४ वर्ष(Hindi Edition)

Original price was: ₹389.00.Current price is: ₹286.00.

Author Name: Dinesh Rawat.
language : Hindi

eBooks

Hard Copies

Author : Dinesh Rawat
language : Hindi
✤ क्रिश्चियनिटी — भारत का विनम्र उपहार ✤ लेखक: दिनेश चन्द्र रावत · Glories of India Series

क्या यीशु मसीह ने अपने जीवन के गुमशुदा वर्षों में भारत की यात्रा की थी? क्या उनके उपदेशों में उपनिषदों, बौद्ध और जैन परम्पराओं की प्रतिध्वनि है? यह पुस्तक उसी मौन को सुनने का प्रयास है — जो गलील और कश्मीर, यहूदी मरुस्थल और हिमालय के बीच फैला है।

“Christianity — A Humble Gift of Bharat” पश्चिमी इतिहास की सबसे गूढ़ पहेली पर एक नया प्रकाश डालती है। गॉस्पेल में बचपन और उपदेश-काल के बीच अठारह वर्षों का गहरा मौन है। लेखक दिखाते हैं कि यह मौन केवल अनुपस्थिति नहीं, एक छिपी हुई उपस्थिति है — भारत की ओर जाती एक आध्यात्मिक यात्रा का संकेत।

पुस्तक की यात्रा यरूशलेम से प्रारम्भ होकर मुज़िरिस, भरूच और ताम्रपर्णी के प्राचीन बंदरगाहों से होती हुई हिमालय के हेमिस मठ और श्रीनगर के रोज़ाबल तक पहुँचती है, जहाँ स्थानीय परम्परा युज़ आसफ़ नामक एक पश्चिमी पैग़म्बर को स्मरण करती है। यह वही भूमि है जिसे भारत माता कहा गया — जहाँ करुणा, ज्ञान और सहअस्तित्व धर्म के रूप में फले-फूले।

दिनेश चन्द्र रावत इस विषय को न केवल इतिहास की दृष्टि से, बल्कि एक तीर्थयात्री के भाव से देखते हैं। वे बताते हैं कि प्राचीन व्यापार-मार्ग, जो सोना-मोतियों और मसालों को ले जाते थे, विचारों और सिद्धान्तों के भी वाहक थे। गंगा के घाटों और डेड-सी के तटों पर तप और मौन की जो साधना थी, वही सेतु पूर्व और पश्चिम को जोड़ती है।

पुस्तक में ईसा और भारत के सम्बन्ध से जुड़ी अनेक धाराओं का समावेश है —

एसीन साधु और यहूदी योगपरम्परा,

भारत-रोम व्यापार और ‘तुक्की–थोग्कै’ (मोर) का भाषिक प्रमाण,

रोज़ाबल व माई मरी दा स्थान के रहस्य,

हेमिस मठ की मौन परम्परा,

तथा धर्म से डॉग्मा तक की यात्रा — जहाँ प्रेम का सन्देश संस्थागत नियंत्रण में बदल गया।

यह ग्रन्थ न किसी मत का प्रचार करता है, न किसी धर्म का खण्डन — बल्कि यह दिखाता है कि करुणा, अहिंसा और आत्म-साक्षात्कार जैसी धारणाएँ विश्व की साझी धरोहर हैं। ईसा का संदेश कोई पश्चिमी “आगमन” नहीं था; वह उस भारतभूमि का पुनःस्मरण था जिसने सदियों पहले सिखाया था — “सर्वभूत हिते रतः” — सबके कल्याण में ही धर्म है।

मुख्य विशेषताएँ:

गुमशुदा वर्षों की खोज पर नवीन दृष्टि

पुरातात्त्विक व ऐतिहासिक साक्ष्यों का संतुलित विश्लेषण

हिमालय, कश्मीर, केरल व तामिलनाडु के यात्रावृत्तान्त

तुलनात्मक अध्ययन: उपनिषद, बौद्ध सूत्र, गॉस्पेल और एसीन शास्त्र

60,000 शब्दों की शोध-यात्रा जो इतिहास, श्रद्धा और खोज को जोड़ती है

यह पुस्तक Glories of India श्रृंखला का प्रथम खण्ड है — जो यह उद्घोष करती है कि भारत की सभ्यता केवल अतीत नहीं, भविष्य की दिशा-सूचक है। यह उस शाश्वत सूत्र को उजागर करती है जिसने मानवता को जोड़ा — कि प्रेम ही धर्म है, और सत्य ही मुक्ति।

language

Bengali, English, France, German, Gujrat, Hindi, Italian, Spanish, Tamil

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “ईसाई धर्म — भारत का विनम्र उपहार: भारत में यीशु के १०४ वर्ष(Hindi Edition)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top